
Our History
मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के आदिवासी अंचल बिछुआ विकासखंड के नगर परिषद बिछुआ के वार्ड नंबर 02 माता मां मोहल्ला में स्थित प्राचीन गणेश मठ का इतिहास अतिप्राचीन है। गणेश मठ के महंत डॉ. वैभव अलोणी ने बताया कि प्राचीन मान्यता के अनुसार आज से लगभग 250 साल पहले प्राचीन ऋषि-मुनियों ने सुपारी पर गणेश जी का आव्हान कर प्राण प्रतिष्ठा की थी। तब से यह प्रतिमा खेत के प्राचीन स्थल में पूजी जाती थी। कालान्तर में पूजा का स्थल अति प्राचीन हो चुका था।
भगवान श्री गणेश की प्रेरणा से ही संस्थापक श्री बाबा महाराज के स्वप्न में श्री मंगलमूर्ति ने दर्शन दिए और इस प्रतिमा को खेत से निकालकर तत्कालीन बिछुआ ग्राम के माता मां मोहल्ला में स्थापित करने हेतु प्रेरित किया। इसी प्रेरणा से ज्येष्ठ मास की शुक्ल चतुर्थी संवत् 2052 (2 जून 1995) को विधि-विधान के साथ श्री मंगलमूर्ति की स्थापना की गई। इस मठ की स्थापना का मुख्य उद्देश्य धर्म की रक्षा, हिन्दुत्व का संरक्षण एवं सामूहिक एकत्रीकरण था।
भक्तों की बढ़ती आस्था को देखते हुए 14 जनवरी 2018 को बिछुआ नगर के धर्मप्रेमियों एवं बाबा महाराज के शिष्यों की बैठक में "श्री अलोणी महाराज सेवा संस्थान" के गठन और जीर्णोद्धार का निर्णय लिया गया। इसके पश्चात 11 से 14 अप्रैल 2018 तक आवाहन अखाड़ा परिषद् के महामंडलेश्वर स्वामी करुणानंद जी महाराज के सानिध्य में पुनः प्राण प्रतिष्ठा की गई। इस गरिमामयी आयोजन में नर्मदा मिशन के संस्थापक भैयाजी सरकार सहित अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहे।
संस्थान के व्यवस्थित संचालन हेतु 20 जनवरी 2019 को समिति के पंजीयन पर विचार किया गया, जिसके फलस्वरूप मध्यप्रदेश शासन के रजिस्ट्रार द्वारा 31 मई 2019 को समिति को विधि अनुसार मान्यता प्रदान की गई। संस्थान के सेवा कार्यों और उत्कृष्ट प्रबंधन को देखते हुए आईएसओ (ISO) संस्था द्वारा 01 अक्टूबर 2021 को प्रमाण पत्र प्रदान कर इसे सम्मानित किया गया।

समिति का पंजीयन प्रमाण पत्र - मध्य प्रदेश शासन
Our Mission
To serve humanity with devotion and faith, preserving spiritual traditions while fostering community well-being.
Our Vision
To be a beacon of spiritual guidance and community service, inspiring individuals to lead lives of compassion, faith, and selfless service.
Our Core Values
Seva
Selfless service to humanity as the highest form of worship
Faith
Unwavering devotion to spiritual principles and traditions
Community
Building strong bonds through collective spiritual practice
Guidance
Providing wisdom and direction for life's journey